बेरोजगारो को जल्द मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
बेराेजगारों के लिए कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल बेरोजगारी भत्ता को लेकर अब संशय हटा है। एक जुलाई से ही यह भत्ता देय होगा। सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइन भी जारी की है। इस कारण कई आवेदकों को निराशा देखनी पड़ सकती है। नई गाइडलाइन के कारण जिले में आधे से अधिक बेरोजगारों का पंजीयन ही नहीं हो सका।
दिसंबर में कांग्रेस सरकार बनी। इसके बाद सरकार ने युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता लागू िकया। इसके लिए जनवरी महीने की शुरुआत से ही आवेदन शुरू हो गए थे। जून में नई एक गाइडलाइन जारी हुई है। जिसमें एक ही परिवार के अधिकतम दो व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाने की लिमिट रखी गई है। यानी किसी परिवार में भले ही दो से ज्यादा बेरोजगार सदस्य हैं, लेकिन उनमें से अधिकतम दो को इस योजना में भत्ता मिल सकेगा। आय घोषणा पत्र में नोटरी असिस्टेंट सहित कई नियमों में बदलाव किए। इस कारण अकेले चित्तौड़गढ़ में योजना के तहत अब तक नए 700 आवेदनों में से 427 आवेदन ही ऑनलाइन स्वीकार हो पाए हैं। जबकि पुराने पंजीकृत आवेदकों की संख्या चौदह हजार से अधिक है साथ ही खास बात यह भी सामने आई कि चाहे किसी भी आवेदनकर्ता ने आवेदन जनवरी से 11 जून से पहले आवेदन किया। उनके आवेदन नए नियमों के तहत नए सिरे से कराए गए तथा अब यह भत्ता भी एक जुलाई से ही देय होगा। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार साढ़े पांच महीने बाद यह भत्ता देने के मूड में अब आई है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में कुल 1.60 लाख बेरोजगारों को यह बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय किया है। आवेदनों की संख्या इससे ज्यादा आती है तो अधिक आयु वाले व्यक्ति को वरीयता के आधार पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
यह भी शर्तें रखी बेरोजगारी भत्ता देने के लिए
इसके अलावा भत्ता लेने वाला व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए और राज्य के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए। यदि कोई महिला किसी अन्य राज्य की निवासी है और उसका विवाह राजस्थान में होता है तो वह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने के योग्य होगी। सामान्य वर्ग के व्यक्ति 30 साल तथा एससी-एसटी विकलांग एवं महिलाएं अधिकतम 35 वर्ष तक की आयु के लिए बेरोजगारी भत्ता ले सकेंगे। इसके साथ ही यह भी निर्णय हुआ है कि एक व्यक्ति को यह अधिकतम दो वर्ष के लिए भत्ता दिया जाएगा। लेकिन जो व्यक्ति स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं उन्हें यह भत्ता देय नहीं होगा। बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय दो लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसमें पुरुषों को तीन हजार तो महिलाओं को 3500 रुपए तक बेरोजगारी भत्ता देय होगा।
पहले यह मिलता था भत्ता
पहले विकलांग एवं महिला को 750 एवं अन्य कैटेगरी के बेरोजगार को भत्ता 600 रुपए देय था। इधर नए बेरोजगारी भत्ता के बाद औसतन 20 से 30 युवा रोजगार कार्यालय में पहुंच रहे हैं।
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बेराेजगारों के लिए कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल बेरोजगारी भत्ता को लेकर अब संशय हटा है। एक जुलाई से ही यह भत्ता देय होगा। सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइन भी जारी की है। इस कारण कई आवेदकों को निराशा देखनी पड़ सकती है। नई गाइडलाइन के कारण जिले में आधे से अधिक बेरोजगारों का पंजीयन ही नहीं हो सका।
दिसंबर में कांग्रेस सरकार बनी। इसके बाद सरकार ने युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता लागू िकया। इसके लिए जनवरी महीने की शुरुआत से ही आवेदन शुरू हो गए थे। जून में नई एक गाइडलाइन जारी हुई है। जिसमें एक ही परिवार के अधिकतम दो व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाने की लिमिट रखी गई है। यानी किसी परिवार में भले ही दो से ज्यादा बेरोजगार सदस्य हैं, लेकिन उनमें से अधिकतम दो को इस योजना में भत्ता मिल सकेगा। आय घोषणा पत्र में नोटरी असिस्टेंट सहित कई नियमों में बदलाव किए। इस कारण अकेले चित्तौड़गढ़ में योजना के तहत अब तक नए 700 आवेदनों में से 427 आवेदन ही ऑनलाइन स्वीकार हो पाए हैं। जबकि पुराने पंजीकृत आवेदकों की संख्या चौदह हजार से अधिक है साथ ही खास बात यह भी सामने आई कि चाहे किसी भी आवेदनकर्ता ने आवेदन जनवरी से 11 जून से पहले आवेदन किया। उनके आवेदन नए नियमों के तहत नए सिरे से कराए गए तथा अब यह भत्ता भी एक जुलाई से ही देय होगा। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार साढ़े पांच महीने बाद यह भत्ता देने के मूड में अब आई है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में कुल 1.60 लाख बेरोजगारों को यह बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय किया है। आवेदनों की संख्या इससे ज्यादा आती है तो अधिक आयु वाले व्यक्ति को वरीयता के आधार पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
यह भी शर्तें रखी बेरोजगारी भत्ता देने के लिए
इसके अलावा भत्ता लेने वाला व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए और राज्य के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए। यदि कोई महिला किसी अन्य राज्य की निवासी है और उसका विवाह राजस्थान में होता है तो वह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने के योग्य होगी। सामान्य वर्ग के व्यक्ति 30 साल तथा एससी-एसटी विकलांग एवं महिलाएं अधिकतम 35 वर्ष तक की आयु के लिए बेरोजगारी भत्ता ले सकेंगे। इसके साथ ही यह भी निर्णय हुआ है कि एक व्यक्ति को यह अधिकतम दो वर्ष के लिए भत्ता दिया जाएगा। लेकिन जो व्यक्ति स्नातक के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं उन्हें यह भत्ता देय नहीं होगा। बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय दो लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसमें पुरुषों को तीन हजार तो महिलाओं को 3500 रुपए तक बेरोजगारी भत्ता देय होगा।
पहले यह मिलता था भत्ता
पहले विकलांग एवं महिला को 750 एवं अन्य कैटेगरी के बेरोजगार को भत्ता 600 रुपए देय था। इधर नए बेरोजगारी भत्ता के बाद औसतन 20 से 30 युवा रोजगार कार्यालय में पहुंच रहे हैं।
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